उत्तर प्रदेशबस्ती

शातिर चोरों का गिरोह धरा गया, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

शातिर चोरों का गिरोह धरा गया, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

शातिर चोरों का गिरोह धरा गया, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा.

शातिर चोरों का गिरोह धरा गया, पुलिस ने किया बड़ा खुलासापुलिस को बड़ी सफलताचोरी का बड़ा जखीरा बरामदकई मुकदमों में वांछित थे आरोपीपुलिस की मुस्तैदी से अपराधी शिकंजे में

शातिर चोरों का गिरोह धरा गया, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

बस्ती, 10 फरवरी 2025 

भोर का समय था, जब दुबौलिया थाना पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने संयुक्त रूप से संदिग्ध गतिविधियों पर नज़र रखते हुए भिउरा नहर पुलिया के पास चेकिंग शुरू की। सर्द हवा में पुलिसकर्मियों की सतर्क निगाहें हर आने-जाने वाले को परख रही थीं। तभी तीन युवक एक मोटरसाइकिल पर आते दिखे। पुलिस ने उन्हें रोका, और जैसे ही पूछताछ शुरू हुई, उनकी घबराहट साफ झलकने लगी।

पुलिस को बड़ी सफलता

गहन पूछताछ और तलाशी के बाद, पुलिस ने उनके पास से एक 12 बोर का अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और दो मोटरसाइकिलें बरामद कीं। पकड़े गए आरोपियों में—

दीपनारायण यादव उर्फ दीपू यादव (35 वर्ष)

रामकृपाल यादव उर्फ लराहे (25 वर्ष)

रियाज अली (22 वर्ष)

शामिल थे। सभी आरोपी बस्ती के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले थे।

चोरी का बड़ा जखीरा बरामद

पुलिस ने जब इन्हें हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो इनके पास से चोरी की दो और मोटरसाइकिलों समेत घरेलू सामान भी बरामद हुआ। चौंकाने वाली बात यह थी कि इनमें बर्तन, गैस सिलेंडर, सोलर पैनल, स्टील की थालियां और अन्य सामान शामिल थे, जो प्राथमिक विद्यालय मझियार से चुराए गए थे।

“गेहूं-चावल भी चोरी किए थे, लेकिन वो तो बेचकर खर्च कर दिए,” आरोपियों ने स्वीकारा।

कई मुकदमों में वांछित थे आरोपी

जांच में खुलासा हुआ कि दीपनारायण यादव के खिलाफ पहले से ही 19 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें चोरी, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट जैसे संगीन अपराध शामिल हैं। वहीं, रामकृपाल यादव और रियाज अली पर भी कई मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें गंभीर अपराधों की लिस्ट है।

पुलिस की मुस्तैदी से अपराधी शिकंजे में

इस पूरे अभियान में थाना दुबौलिया के थानाध्यक्ष जितेन्द्र सिंह, एसओजी प्रभारी चन्द्रकान्त पाण्डेय, सर्विलांस प्रभारी शशिकांत, और उनकी टीम का अहम योगदान रहा। उनकी सूझबूझ और सतर्कता के चलते बस्ती में सक्रिय इस शातिर गिरोह को सलाखों के पीछे भेजा जा सका।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और चोरी के मामलों में मुकदमे दर्ज कर उन्हें न्यायालय भेज दिया है। यह कार्रवाई अपराधियों के लिए एक बड़ा संदेश है कि अपराध चाहे कितना भी संगठित क्यों न हो, कानून की पकड़ से बच पाना मुश्किल है।

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